Sunday, April 11, 2021
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दरभंगा में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन

दरभंगा 26 फरवरी 2021: 8 वें दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय चलचित्र उत्सव का आगाज़ दरभंगा के दो जगहों “रजनीश सिनेप्लेक्स” एवं “कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय” के सभागार में हो गया। यह फिल्म फेस्टिवल दरभंगा फिल्म क्लब की ओर से आयोजित किया गया है।
यह फिल्म फेस्टिवल 26/02/2021 से तीन दिनों के लिए होगा जिसमे देश और विदेशों के कुल 42 फिल्मों को दिखाया जायेगा। फेस्टिवल के अंतिम दिन यानी 28/02/2021 को सभी चयनित फिल्मकारों एवं उनके फिल्म से जुड़े दूसरे विधाओं के कलाकारों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस चलचित्र उत्सव में देश के कई हिस्सों से फिल्मकार शिरकत कर रहे हैं। इस बार कोरोना महामारी को लेकर विदेशी फिल्मकारों की भीड़ कम दिख रही है।

आज पहले दिन रजनीश सिनेप्लेक्स में 10:00 बजे पूर्वाह्न में फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन मुख्य अतिथि आयुक्त दरभंगा श्री राधेश्याम शाह के द्वारा किया गया। उनके साथ उद्घाटन समारोह में पूर्व विधायक इज़हार अहमद, दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री विशाल गौरव एवं रजनीश सिनिप्लेक्स के प्रोपराइटर श्री भूषण चौधरी जी मंचासीन अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त श्री राधेश्याम शाह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में उन्हे बहुत अच्छा लग रहा है। ऐसे छोटे शहरों में इस तरह के कार्यक्रम का होना बहुत बड़ी बात है। वे कला, साहित्य और फिल्म के बीच संबंध स्थापित करते हुए बताया कि किस तरह हमारी मानसिकता और रहन सहन पर फिल्मों का गहरा प्रभाव होता है। समाज को विकसित करने में एक स्तंभ के तौर पर यह काम करता है।

पूर्व विधायक इज़हार अहमद ने भारतीय सिनेमा और उसके लगातार होते हुए विकास पर अपनी बात रखी। दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक श्री विशाल गौरव जी ने फिल्म और कला को समाज के विकास में अहम भूमिका निभाने के तौर पर दर्शाया। उन्होंने कहा कि हम अपनी और अपने समाज की संरचना की जब बात करते हैं तो विभिन्न श्रोतों को अपने इर्द – गिर्द पाते हैं, जिसमे सबसे ज्यादा बच्चों एवं युवाओं को जो प्रभावित करता है वह है सिनेमा। इसके लिए उन्होंने फिल्मकारों को धन्यवाद किया क्योंकि अगर वे ना होते तो शायद हम हमारे समाज को मानसिकता के आधार पर आधुनिक एवं नवीनतम नही बना पाते।

वक्त के साथ सामयिक बनने के लिए घटनाओं को देखने, समझने और उसके हर सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलू को गौर करना होता है, और सिनेमा हमे हर उस बात से रूबरू करवाने में मदद करता है। स्वागत भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद कुल 10 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। “दहेज का स्कूटर”, “गटर बॉय”, “शॉर्टकट”, “मीटिंग द अदर वुमन”, “द रिफ्यूज”, “शॉकिंग मैरेज”, “द कॉन्फ्लिक्ट”, “थाएँ”, “द ओएसिस”, “4 सम” नामक फिल्मों का आनंद दर्शकगण लिए। दरभंगा फिल्म क्लब के चेयरमैन एवं फेस्टिवल निदेशक मेराज सिद्दीकी ने बताया कि ये फिल्में दुनिया के हर हिस्से से आई हैं। अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी, कन्नड़, गुजराती, बुंदेलखंडी, पुर्तगाली आदि भाषाओं की फिल्मों को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।

दूसरे स्थल कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय पर संस्कृत विश्वविद्यालयके कुलपति प्रो० शशिनाथ झा ने उद्घाटन किया और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मिथिला क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रमों के होने से कला, संस्कृति, साहित्य एवं क्षेत्रीय सिनेमा को भी बढ़ावा मिलेगा। बाहर के फिल्मकारों के आगमन से मिथिला क्षेत्र के पर्यटन को भी लाभ होने की उम्मीद की जा सकती है। कार्यक्रम संयोजक हरिवंश चित्रगुप्त ने बताया कि इस बार कोरोना महामारी की वजह से बहुत सारे फिल्मकार एवं कलाकार जो दूसरे राज्य या देश से आने वाले थे वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं। कुछ फिल्मकार एवं अभिनेता आज के कार्यक्रम में पहुंचे हैं। “गटर बॉय” नामक फिल्म की निर्देशक अनुपम खन्ना बसवाल ने अपने अनुभवों को साझा किया।

उन्होंने कहा कि दरभंगा वे पहली बार आयी है। इस फेस्टिवल में आकर उन्हें बहुत ही खुशी महसूस हो रही है। “वयम” नामक फिल्म के अभिनेता निलय मिताश ने भी अपने अनुभव साझा किए। “फोर सम” फिल्म के निर्देशक नीरज गवाल ने कहा कि छोटे शहरों में फिल्म फेस्टीवल के होने से यहां के फिल्मकारों को सिनेमा के नई तकनीक को नजदीक से जानने और समझने का अवसर मिलता है। आज के इस कार्यक्रम में इंजीनियर अज़मतुल्लाह, चंदन शाह, शाहनवाज, स्पॉटलाइट थिएटर के सचिव सागर सिंह, फिल्मी कलाकार कमलानंद झा आदि की भूमिका सराहनीय रही।