Wednesday, January 20, 2021
HINDI NEWS PORTAL
Home > Samachar > पुलिस की भूमिका पर ग्रामीणों को भरोसा नहीं

पुलिस की भूमिका पर ग्रामीणों को भरोसा नहीं

3 जुलाई 2020। पतोर,हायाघाट(दरभंगा)
इंसाफ मंच की एक उच्चस्तरीय टीम पतोर गांव पहुंचकर बलात्कार व हत्या की शिकार नाबालिग दलित लड़की के परिजनों से मुलाकात किया। इस दौरान इंसाफ मंच के टीम ने पुलिस लाठीचार्च में घायल क़ई ग्रामीणों से भी मिला। घायलों में जीतनी देवी, रामबहादुर पासवान, राजा पासवान, कासो देवी से शामिल थे। इंसाफ मंच के टीम में इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, मो0 मुर्तजा राईन, मो जमशेद और खेग्रामस के बहादुरपुर प्रखंड अध्यक्ष गणेश महतो शामिल थे। इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने पीड़ितों व ग्रामीणों से मिलने के बाद अपनी बात रखते हुए कहा कि पतोर की नाबालिग दलित लड़की की बलात्कार-हत्या सभ्य समाज के लिए कलंक हैं। ऐसे जघन्य घटना में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही हैं।

पुलिस जहाँ एक तरफ आरोपी को बचाने में लगी हैं और वहीं उल्टे न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठी भांजा यहां तक कि महिलाओं को भी नही बक्सा और सैकड़ों ग्रामीणों को झूठा मुकदमा में फंसा दिया गया हैं। लाठीचार्ज का दोषी पतोर थानाध्यक्ष को अविलम्ब निलंबित करने की मांग करते हैं। इंसाफ मंच मांग करती हैं कि ग्रामीणों पर लादे गए दोनों झूठे मुकदमे वापस लिया जाय। उन्होंने प्रशासन को आगाह किया कि अभियुक्त की एक सप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुआ तो दरभंगा एसएसपी के समक्ष इंसाफ मंच प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना पर सत्ता-सरकार के प्रतिनिधियों सांसद-विधायक की चुप्पी इनके सामन्त अपराधी पक्षीय चेहरा को बेनकाब करती हैं।