Tuesday, May 11, 2021
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बिहार पुलिस हिटलर की सेना गेस्टापो में तबदील हो चुकी है ।

राजद के प्रदेश प्रवक्ता-सह -विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने पटना में दिनांक -10.11.18 को कुशवाहा समाज के “आक्रोंश मार्च” पर पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है तथा बर्बर लाठी चार्ज की तीव्र निंदा की है। उन्होंने कहा कि पटना में शांतिपूर्वक आन्दोलन कर रहे कुशवाहा भाइयों पर बिहार पुलिस ने लाठीचार्ज कर अति निन्दनीय कार्य किया है । पुलिस की इस कार्रवाई ने कुशवाहा समाज के प्रति नीतीश जी के रूख को भी स्पष्ट कर दिया है । निर्मम लाठीचार्ज की घटना बेहद शर्मनाक व दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है ।

आंदोलनकारीयो पर हमला करवाकर नीतीश कुमार लोगो की आवाज को दबाना चाहते हैं।  यह उनकी भूल है कि आंदोलनकारी लाठी गोली या जेल भेज देने से डर जाएंगे । राजद प्रवक्ता श्री शाहीन ने कहा की नीतीश सरकार की हुकूमत में “तानाशाही” एक पेशा बन गया है। पटना में नीतीश कुमार की सरकार द्वारा कुशवाहा समाज के कार्यकर्ताओं के मौलिक अधिकारों पर बुज़दिली से किए गए इस प्रहार को बिहार की जनता “सियासी ज़ुल्म” के रूप में याद रखेगी।

बिहार में प्रशासन द्वारा अनेकों बार शांतिपूर्ण आन्दोलनकारियों पर लाठी चलाना, अभद्र व्यवहार करना, गाली देना व्यवहार सा बन गया है । आंदोलनकारियों की आवाज को दबाने का षड्यंत्र बिहार में चल रहा है। 02 दिन पहले युवा राजद के कार्यकर्ताओ पर निर्ममतापूर्वक लाठीचार्ज किया जाना लोकतंत्र पर हमला की पर्याय है । पूरे राज्य के कानून -व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। नीतीश सरकार हिंसा का सहारा लेकर छात्रों ,नौजवानों , किसानो महिलाओ और सामाजिक संगठनो की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

नीतीश सरकार अविवेकपूर्ण नीतियों के चलते प्रदेश में अराजक्ता का माहौल बना हुआ है और सरकार सभी स्तरों पर फेल रही है। प्रदेश में गुंडागर्दी का आलम है। अपराध की घटनाएं बढ़ रही है । राजद प्रवक्ता ने कहा की पुलिस दमन के सहारे शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने की कुचेष्टा कर नीतीश सरकार मानवाधिकारों का हनन कर रही है । श्री शाहीन ने कहा कि ये आंदोलन पुलिसिया दमन से और तेज़ होता जाएगा। लाठीचार्ज निंदनीय है, क्योंकि यह अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण आंदोलन की आजादी पर प्रतिबंध लगाना है । लोकतंत्र में यह अस्वीकार्य है । सरकार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए ।