Tuesday, May 11, 2021
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यूपी में ‘लव जिहाद’ कानून समाप्त करने के लिए पॉपुलर फ्रंट की तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली 21 दिसंबर 2020: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव अनीस अहमद ने मीडिया को जारी अपने एक बयान में, देश की उच्च न्यायपालिका से यूपी में ‘लव जिहाद’ कानून को समाप्त करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

जैसा कि नागरिक अधिकार संगठनों को आशंका थी, उत्तर प्रदेश के ‘लव जिहाद’ कानून का चयनात्मक उपयोग मुस्लिम विरोधी योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए अंतर-धार्मिक जोड़ों, धर्म-परिवर्तन करने वालों और निर्दोष मुसलमानों को परेशान करने का ज़रिया बन गया है। अपना जीवन-साथी चुनने या अपनी पसंद का धर्म अपनाने का मौलिक अधिकार उत्तर प्रदेश में अचानक अपराध बन गया है। हिंदू लड़कियों से शादी या प्रेम करने वाले मुस्लिम युवकों को यूपी पुलिस ने खास निशाना बनाया है।

हैरत की बात है कि मुस्लिम युवक से शादी करने वाली एक हिंदू लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया और इस्लामो फोबिया के कारण उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि उसका गर्भपात हो गया। इस कानून का उपयोग, महिलाओं पर पुरानी पितृसत्तात्मक व्यवस्था थोपने के लिए किया जा रहा है।

नारी-द्वेषी इस कानून के द्वारा एक तरह से महिलाओं से उनका अपना जीवन साथी चुनने का अधिकार छीन लिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि कोई भी नारीवादी, सरकार की सरपरस्ती में महिलाओं को उनके अधिकारों से इस बड़े पैमाने पर वंचित किए जाने के खिलाफ अभी तक आगे नहीं आया है। बीजेपी शासित अन्य राज्य भी ऐसे कानून पारित करने पर विचार कर रहे हैं।

पॉपुलर फ्रंट देश की उच्च न्यायपालिका से परिस्थिति का संज्ञान लेते हुए इस्लामोफोबिया पर आधारित इस महिला-विरोधी कानून को खत्म करने की मांग करता है।